What is Iceberg order in crypto market

What is Iceberg order in crypto market

आज की पोस्ट में हम बात करेंगे Crytpo Market में इस्तेमाल होने वाले Iceberg Order के बारे में। कि आखिर Iceberg Order होता क्या है और क्यों बड़े – बड़े क्रिप्टो इन्वेस्टर इसका इस्तेमाल करते हैं।

Iceberg Order क्या होता हो?

आईसबर्ग ऑर्डर का तात्पर्य किसी क्रिप्टो करेंसी को एक साथ बहुत बड़ी तादात में बेचना है। सोच के देखिये एक साथ कोई क्रिप्टो करेंसी बड़ी तादत में बेची जायेगी, तो उसका प्रभाव पूरे क्रिप्टो मार्केट पर पड़ेगा। जिसकी बजह से पूरी मार्केट क्रेश हो जायेगी और खरीदने और बेचने वालों दोनो को भारी नुकशान छेलना पड़ सकता है।

जब कोई बड़ा इऩ्वेस्टर कोई बड़ा ऑर्डर लगाता है तो वो उसे छोटे- छोटे अलग- अलग कोई भी उन ऑर्डर पर ध्यान नहीं देता। अगर किसी को पता लगता भी है तब तक वो ऑर्डर कम्पलीट हो चुका होता है।

Crypto Market me Iceberg order ka kya matlab hai

आईस ऑर्डर क्यों इस्तेमाल किये जाते हैं?

आईस बर्ग ऑर्डर को इस्तेमाल करने का एक ही मकसद है कि मार्केट में लोगों को Panic होने से बचाया जा सके। जब कोई मार्केट में होने वाली ट्रान्जेक्सन एक स्ट्रक्चर में की जाती है। ताकि क्रिप्टो मार्केट में सप्लाई और डिमान्ड को बनाये रखा जा सके।

अगर हम आईसबर्ग ऑर्डर का उदाहारण लें तो मान लो आप 1000 BTC बेचना चाहतें हैं। अगर आप उन्हें एक ही ऑर्डर में बेचेंगे तो मार्केट में अफरा- तफरी मच जायेगी और लोग उस ऑर्डर के पूरे होने से पहले ही अपनी होल्डिंग बेचने लगेंगे। 

इसीलिये आप इसे टुकड़ो में यानि कि पहले 300 BTC फिर 200 BTC फिर 250 BTC और फिर आखिर में एक और 250 BTC की ट्रान्जेक्सन करके बेच दोगे। इससे मार्केट में सतुंलन बना रहेगा। किसी को इसकी भनक भी नहीं होगी की 1000 बिटकॉइन बिक चुके हैं।

हिडन ऑर्डर और आईस बर्ग ऑर्डर में क्या अन्तर है?

क्या आपको पता है Hidden Order भी किये जाते हैं। पर वो ऑर्डर आईसबर्ग से अलग होते हैं। क्योंकि आईसबर्ग ऑर्डर में बड़ी ट्रांजेक्सन हमारे सामने ही हो जाती हैं, और हमें पता भी नहीं लगता। वहीं हिडन ऑर्डर का तात्पर्य ऐसे ऑर्डर से है, जो कम्पलीट होने के बाद ही ऑर्डर बुक में दिखाया जाता है। ताकि उसे देख कर जो भी रिएक्सन हो वो उसको रोक न सके।

आईसबर्ग ऑर्ड़र का इस्तेमाल कौन करता है?

अधिकतर आइसबर्ग ऑर्डर मार्केट मेकर ही इस्तेमाल करते हैं। जिन्हें दूसरी भाषा में इनस्टीट्यूसनल  इन्वेस्टर भी कहा जाता है। क्योंकि वो एक साथ काफी लोगों का पैसा मैनेज करते हैं, और एक बार में काफी बड़ी ट्रांजेक्सन करते हैं। उसके प्रभाव से मार्केट में कोई बड़ी हलचल न हो इसलिये वो आईसबर्ग ऑर्डर का इस्तेमाल करते हैं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *