सेरेमिक उद्योग आज के दौर का सदाबहार कारोबार है। इनसे बने बर्तन तो घर-घर में इस्तेमाल हो रहे हैं। रंग-बिरंगे लुक और डिजाइन के कारण ऐसे आईटम दिखने में भी बड़े आकर्षक लगते हैं। कैसे रखें इस कारोबार में कदम…….
सेरेमिक यानी चीनी मिट्टी से बने बर्तन, फूलदान या फिर सजावटी वस्तुओं का इस्तेमाल आजकल रोजमर्रा के काम खूब हो रहा है। शायद ही कोई व्यक्ति हो, जो चाय पीने के लिए या खाने पीने के लिए इनसे बने कप-प्लेट ओर कटोरी का इस्तेमाल नहीं करता हो। यहां तक कि घरों को आधुनिक लुक देने के लिए भी सेरेमिक के बने सैनिटरी वेयर्स और टाइल्स को ही अधिक पसंद किया जा रहा है। खास तौर से बाथरुम और किचन के लिए ये प्रोडक्ट काफी अच्छे माने जाते हैं।
ऐसा नहीं है, कि सेरेमिक से सिर्फ क्रॉकरी, सैनटरी वेयर्स और टाइल्स ही बन रहे हैं, बिजली के फ्यूज सर्किट, इन्सुलेटर, प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, हवाई जहाज, टरबाइन, रॉकेट, न्यूक्लियर फ्यूजन सहित दुनिया की तेज दौड़ने वाली कारों में इस्तेमाल होने वाले कई कलपुर्जे भी इन्हीं से बनाए जाते हैं।
जहां तक क्रॉकरी की बात है, तो यह दिखने में तो आकर्षक तो लगती ही है, सेहत के लिए भी लाभकारी है। क्योंकि ऐसे बर्तन पूरी तरह हाईजेनिक होते हैं। इनकी साफ-सफाई में भी अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। इसीलिए बिजनेस के लिहाज से भी यह फील्ड अच्छा है।
तेजी से बढ़ता मार्केट साइज
सेरेमिक का यह काम सदाबहार है। मार्केट में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पहले लोग एक ही कप-प्लेट को लम्बे समय तक इस्तेमाल करते थे। पर अब वो ऐसा नहीं करते। पहले इस तरह के आइटम के टूटने पर ही इन्हें बदला जाता था और नये आइटम लाये जाते थे। आजकल लोग जल्दी-जल्दी ऐसे आइटम बदलने लगे हैं। इसके साथ ही देश की आबादी भी काफी तेजी से बढ़ रही है। इसिलिए कॉफी कप, कप सॉसर, प्लेट, बउल, मिल्क मग, डिनर सेट, सूप सेट, हांडी सेट जैसे सेरेमिक के बने घरेलू प्रोडक्ट की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है।
ऐसे प्रोडक्ट की मांग घरों के अलावा, होटल, रेस्टेरेंट में भी खूब देखने को मिलती है। ऐसे आइटम को लोग आजकल गिफ्ट के रुप में देने के लिए भी काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे आइटम फूड मैटेरियल से बने होते हैं, इसलिए इनसे लोगों की हेल्थ पर भी कोई गलत प्रभाव नहीं होता है। साथ ही अपनी आकर्षक डिजाइन के कारण यो देखने में भी काफी खूबसूरत लगते हैं। यूरोपीय देशों में भी सेरेमिक प्रोडक्टस् की काफी डिमांड है। हमारे देश भारत से पूरे साल इन देशों में ऐसे प्रोडक्ट को एक्सपोर्ट भी किया जाता है।
प्रोडक्ट को कैसे बेचें?
शुरुआत में आप इस तरह के प्रोडक्ट को उन होलसेलर्स को बेच सकते हैं, जो इस तरह के प्रोडक्ट रखते हैं। इसके लिए ऐसे होलसेलर्स से बात करें जो आपके शहर में रहते हैं। इसके अलावा आप अपने माल को ऑनलाइन भी बेच सकते हैं। अपना बिजनेस कॉन्ट्रेक्ट बना कर आप इन्हें यूरोपीये देशों में भी बेच सकते हैं।
पैसे कितने चाहिए?
सेरेमिक आइटम बनाने के लिए 3 लाख से 4 लाख की पूंजी चाहिए। इस काम के लिए बहुत अधिक मशीनों की आवश्यकता नहीं हैं। सिर्फ मिट्टी पीसने के लिए एक मशीन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा आप जितने आइटम बनायेंगे उतने प्रकार के सांचों की जरुरत पड़ेगी। बर्तनों को पकाने के लिए भट्टीयों की भी अवश्यकता होगी।
लेकिन ये मिट्टी एक खास तरह की मिट्टी होती है जैसे:- कोट्स, फेल्सपार, वैलोस्नाइट, कैल्साइट इत्यादि। जो सिर्फ राजस्थान, बिहार और गुजरात में ही मिलती है, इसलिए इसे वहीं से मगांना पड़ता है। मैनपावर इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितना माल बना रहे हैं। फिर भी शुरुआत में 10 से 12 लोगों की आवश्यकता होती है। आपको एक बात का ध्यान और रखना है अगर आपको लोन लेना है, तो यूनिट इंडस्ट्रियल एरिया में होनी चाहिए।

