भारत में छपने वाला पहला अखबार Hicky’s Bengal Gazette था। जिसकी शुरुआत 29 जनवरी 1780 ई0 में ब्रिटिश राज्य के अन्तर्गत जेम्स ऑगस्टस हिक्की (James Augustus Hicky) ने की थी।
इसे “the Bengal Gazette”, Calcutta General Advertiser और प्रचलित नाम “Hicky’s Gazette” आदि नामों से भी जाना जाता है। जेम्स हिक्की इसको संचालक थे जिन्हे ब्रिटिस सरकार द्वारा ‘फादर ऑफ इंडियन प्रेस’ की उपाधि भी दी गई थी।
ऑगस्टस हिक्की के बंगाल गजट से प्रेरणा लेकर The India Gazette, The Calcutta Gazette, The Madras Courier (1785), and The Bombay Herald (1789) जैसे अन्य समाचार पत्रों ने भी जल्दी ही इसका अनुसरण किया। इन समाचार पत्रों ने ब्रिटिश शासन के अधीन रहते हुऐ क्षेत्रों में घटित खबरें प्रकाशित कीं।
वर्ष 1857 को भारत में पत्रकारिता के उद्भव वर्ष के रूप में जाना जाता है। यह वर्ष भारतीय प्रेस और ब्रिटिश प्रेस के बीच विभाजन के रुप में देखा जाता है और इसके परिणामस्वरूप 1876 में वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम पारित किया । वर्ष 1861 में रॉबर्ट नाइट द्वारा “द टाइम्स ऑफ इंडिया” का पहला संस्करण प्रकाशित किया गया था। फिर सन् 1868 में “अमृत बाजार पत्रिका” की शुरुआत हुई, इस अखबार ने मुख्य रूप से समाज सुधारकों और राजनीतिक नेताओं पर ध्यान केंद्रित किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देना शुरू किया।
The Bombay Samachar की स्थापना 1822 ई0 में हुई जो गुजराती में छापा जाता है। यह एशिया का सबसे पुराना समाचारपत्र है जो अभी भी प्रिन्ट होता है। 30 मई 1826 को उदंत मार्तंड (The Rising Sun), भारत में प्रकाशित होने वाला पहला हिंदी भाषा का समाचार पत्र है, जो कलकत्ता से शुरू हुआ था। यह समाचार पत्र प्रत्येक मंगलवार को पं0 जुगल किशोर शुक्ला के द्वारा प्रकाशित किया जाता था।
1947 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भी, अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्र प्रमुख थे। इसके कई कारण थे। समाचार एजेंसियों के टेलीग्राफिक सर्किट में रोमन वर्णमाला और मोर्स कोड का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे अंग्रेजी में समाचारपत्र प्रिन्ट करने में प्रेस लाभ होता था क्योंकि यह कार्य बहुत तेज गति से होता था।
